प्रदेश की जनजातियों के रहन-सहन, उनकी कला-संस्कृति और सांस्कृतिक विविधताओं की जानकारी देने के लिए नया रायपुर में 22 एकड़ के रकबे में आदिमजाति संग्र्रहालय (ट्रायबल म्यूजियम) की स्थापना की जाएगी। इसके लिए जमीन उपलब्ध करा दी गई है और ड्राइंग-डिजाइन तैयार की जा रही है। इस म्यूजियम के लिए 20 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। आदिमजाति विकास मंत्री केदार कश्यप ने मंगलवार को विधानसभा में विभागीय अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए यह जानकारी दी।

मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि प्रदेश के 28 आदिवासी विकासखंडों में बालक और बालिकाओं के लिए ढाई-ढाई सौ सीटर छात्रावास भवन बनाए जाएंगे। छात्रावास और आश्रम में भोजन पकाने के लिए रसोई गैस सिलेण्डर उपलब्ध कराया जाएगा। पूर्व में विद्यार्थियों को 800 रुपए की शिष्यवृत्ति दी जा रही थी, जिसे बढ़ाकर 850 रुपए कर दी गई है। उन्होंने आदर्श छात्रावास अधीक्षक पुरस्कार योजना देने की भी घोषणा की।

अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मेट्रिक छात्रावास भवन जल्द

मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि अल्पसंख्यक वर्ग विद्यार्थियों के लिए एक करोड़ रुपए की लागत से पहला पोस्ट मेट्रिक छात्रावास भवन का निर्माण सड्डू रायपुर में किया जाएगा। जगदलपुर में नवीन कन्या परिसर व मुंगेली में अनुसूचित जाति बालक क्रीड़ा परिसर की स्थापना की जाएगी। उन्होंने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के शत-प्रतिशत परिवारों को आवास, पेयजल, पोषण आहार, वन अधिकार पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राशन, कार्ड और कम्बल के अलावा अलावा रेडियो व छाता भी दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण के अब दो-दो पुरस्कार

मंत्री ने बताया कि विकासखण्ड, जिला तथा संभाग स्तर पर शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण पुरस्कार के अंतर्गत अब एक-एक पुरस्कार के स्थान पर दो-दो पुरस्कार दिए जाएंगे। स्कूली बधाों को सोयाबीन निर्मित दूध देने के लिए मुख्यमंत्री अमृत योजना पायलट प्रोजेक्ट दो जिलों बस्तर तथा कवर्धा में प्रारंभ किए गए हैं। कांकेर में शिक्षा महाविद्यालय प्रारंभ करने के लिए नए बजट में एक करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

अनुदान मांगें पारित

स्कूल शिक्षा और आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास विभाग के लिए कुल 33 हजार 364 करोड़ 89 लाख रुपए की अनुदान मांगों को विधानसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।