नया रायपुर : स्मार्ट और सपने के शहर में कैसे बसाहट हो ?

 

भारत में बहुत कम उदाहरण देखने को मिलता है जिसमे सरकार बहुत दूरदर्शिता से और इमानदारी और मेहनत से काम करते दिखे| एक आम आदमी की तरह , अपने जीविका के लिए मैंने कई मेट्रो जैसे दिल्ली, बैंगलोर, चेन्नई ,हैदराबाद और छोटे शहर भोपाल, इंदौर , ग्वालियर , मदुरई आदि में रहा हूँ या यात्रा किया है,पर सभी शहरों में एक ही आधार भूत समस्या है, बहुत ख़राब सड़के, बिना पूरा अपशिष्ट प्रबंधन(वेस्ट मैनेजमेंट) के बड़े बड़े बिल्डर्स के प्रोजेक्ट्स बने हुए है. प्रोजेक्ट्स के अंदर सभी कुछ बहूत ही अच्छा रहता है पर जैसे ही आप घर से बाहर निकलते है,सभी आधार भूत समस्यों से संघर्ष करना पड़ता है|

नया रायपुर को देख कर विश्वास ही नहीं होता की जो काम बड़े बड़े राज्य नही कर पाए उसे छत्तीसगढ़ की सरकार ने कर दिखया है और एक परियोजित शहर  से सपने को पूरा करने को  प्रयासरत है. पहले के तीन योजनाबद्ध शहरों को छोड़कर , वर्तमान में बना सबसे सुन्दर योजनाबद्ध  शहर  है|

आज  नया रायपुर में आधार भूत सुविधाए पुरी तरह से तैयार है, बहुत सारे परियोजनाओ में कार्य प्रगति पर है, इतने प्रयासों और सफलता के बाद भी, सबसे बड़ी  समस्या आवासीय बसाहट की है जो अभी तक के सभी समस्याओ में सबसे बड़ी समस्या है.  आम जनता ने, सरकार के सपनो पर भरोसा करके,  अपनी जिंदगी भर की कमाई, खर्च करके नया रायपुर के सेक्टर 27 और सेक्टर 29 में घर ख़रीदा है.इसलिए  आज सबसे बड़ा प्रश्न है, आगे क्या करे की नया रायपुर में तेजी से बसाहट हो और एक वीरान शहर से जीवंत शहर में परिवर्तित हो जाये.

मेरे विचार में अब जनता को सरकार का और सरकार को एक दुसरे का पूरक बन कर , नया रायपुर के सपने को पूरा करने की दिशा में काम करना पड़ेगा. कुछ कार्य है जिसे, सरकार ही कर सकती है और कुछ कार्य है जिसे जनता ही कर सकती है.  सरकार सारे आधारभूत सुविधाए (सड़क , बिजली ,पानी, अपशिष्ट प्रबंध, घर , परिवहन, दुकान,  आदि ) दे सकती है ,  पर घरो में लोगो को आ कर रहना है, दुकाने (किराना, सुपर स्टोर्स, मेडिकल स्टोर आदि ) आम जनता को शुरुआत करना पड़ेगा.

मैं भी नया रायपुर के आवासीय कॉलोनी में घर ख़रीदा है और बहुत सारे अन्य मकान मालिको से समस्यों के बारे में चर्चा होती रहती है , सबसे बड़ी समस्या और चिंता घरो में सुरक्षा का है, और इसी के कारन बहुत सारे मकान मालिको ने घर का अधिपत्य नहीं लिया है और लेने से भयभीत है.

सेक्टर 27 के घरो में चोरी आम बात है , पुलिस के पास कोई सुरक्षा  की योजना नहीं है,  न ही चोरी के प्रकरण को तत्परता से समाधान करने में उत्सुकता है|   एक पुलिस स्टेशन सारा नया रायपुर को देख रहा है इसलिए वे सेक्टर 27  के चोरियों को नहीं रोक पा रहे है न ही जो ऐसे कार्य में शामिल है उसे पकड़ पा रहे है।  मुख्य चोरिया  नल-साजी , पाइपलाइन सामानों के हो रही है जिसे घरो को तोड़ कर चुराया  जा रहे है, और पुलिस को भी पता है की इन  चोरियों के पीछे मुख्यतः   सेक्टर में काम करने वाले कांट्रेक्टर और श्रमिक का हाथ है, जो पुरे हुए घरो से सामान का चोरी कर दुसरे घरो में लगया जाता है. एक घर में नल-साजी सामान की कीमत Rs 30000 के आसपास है.

प्रस्तावित स्मार्ट शहर के पुलिस स्टेशन तकनीक के जनकारी या प्रयोगों से बहुत  दूर है.  राखी गाँव के पुलिस ने प्रथम सूचना रिपोर्ट में, आवेदक के ईमेल को लिखने से मना कर दिया गया . प्रथम सूचना रिपोर्ट करने के लिए 2 दिन पुलिस स्टेशन का चक्कर काटना पड़ा.  इस तैयारी से पता नहीं स्मार्ट सिटी के सुशासन जिसमे तकनीको का  वृहित  प्रयोग होना है,
उसे कैसे पूरा कर पायेगी ?

अंत में अगर नया रायपुर के सपनो को साकार करना है तो सरकार और जनता को मिल कर जिम्मेदारी निभानी होगी , और इसे संक्षेप में प्रस्तुत करू तो निम्नलिखित होंगे

सरकार की जिम्मेदारी:

-सरकार आवासीय कॉलोनी सेक्टर 27 और 29 के सुरक्षा चिन्ताओ को दूर करने का सभी प्रबंध जल्द से जल्द करना चाहिए. इसमे एक अलग से पुलिस स्टेशन खोले जो सक्रिय रूप से सेक्टर 27 और सेक्टर 29 की  सुरक्षा के लिए काम करे. -पुलिस स्टेशन को तकनीक प्रयोग करने में प्रशिक्षित करे , (जैसे ईमेल आदि ) ,साथ ही ऑनलाइन FIR करने और स्थिति पता करने की सुविधा हो. तभी पुलिस स्मार्ट सिटी के अनुकूल सक्षम होकर कार्य कर पायेगा. -सेक्टर 27 में  जल्द से जल्द, सभी सड़को और मुख्य रूप से चोराहों, प्रवेश द्वार  पर निगरानी कैमरे लगे जिसे पुलिस स्टेशन 24 घंटे निगरनी करे और 7 से 30  दिनों का रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखे . -कुछ और मूलभूत सुविधाओ को प्रारंभ करे , जैसे डाकघर,  छोटा  चिकात्सल्य जिसमे डॉक्टर दिन में उपस्थित रहे . जो दुकाने सेक्टर 27 में बेचीं गयी है, लगता है उसे मुख्यतः   निवेशकों ने ख़रीदा है   जिन्हें तुरंत व्यवसाय प्रारंभ
करने में कोई उत्सुकता नहीं है. इसलिए लगभग सेक्टर 27 के सभी दुकाने बिकने के बाद भी व्यासायिक परिसर में कोई अपना कम प्रारंभ नहीं है है. सरकार को कुछ दुकाने कम किराये में उन लोगो को उपलब्ध करना चाहिए जो तत्काल अपना व्यवसाय जो  सेक्टर 27 के लोगो की सुविधाओ से संबधित हो.
ऐसे संस्थानो की शुरुआत करनी चाहिए जिससे आवासीय क्षेत्र में  लोगो का आवा जाहि  बड़े. सबसे बड़ा उदाहरन हो सकता है , एक आधुनिक बड़े पुस्तकालय का निर्माण , जहां हर प्रकार के पुस्तकों का प्रबंध हो. विशेषकर , मुख्य: प्रवेश परीक्षाओ के तैयारी  से संबधित.  पुस्तकालय में ऑनलाइन और पुस्तको को बैठ्कर पड़ने की व्यवस्था हो|

चेन्नई का अन्नॉ सेंटेनरी पुस्तकालय सबसे बेहतरीन उदहारण है|  यह 9 मंज़िल का भारत का  सबसे आधुनिक पुस्तकालय है , यंहा ५ लाख पुस्तके , हर मंज़िल अलग अलग विषयों में  बटा हुआ  है, जिसमे एक मंज़िल  केवल बच्चो ले लिए समर्पित है| एक साथ 1250 लोग बैठ कर पुस्तक या कंप्यूटर से पढ़ सकते है.  पुस्तको के आलावा यंहा ऑडिटोरियम,  एम्फीथियेटर, कांफ्रेंस हाल, पार्किंग ,  विकलांग लोगो के लिए सुविधाए , अपना पुस्तक पड़ने  का अलग भाग , साथ में अनुसन्धान करने वाले विद्यार्थिये के किये रहने की व्यवस्था.   इसे सुविधाओ के कारन हजारो पुस्तक प्रेमी , विद्यार्थीओ को दिन रात भीड़ लगा रहता है|  अगर इसी  ही पुस्तकालय नया रायपुर के आवासीय कॉलोनी के पास खोला जॉय तो वीरान पड़े कॉलोनी के बसाहट में भारी गति मिलेगी, साथ में हजारो विद्यार्थीओ को अपना मन पसंद प्रवेश परीक्षाओ के तैयारी करने में मदद मिलेगी.

-सेवा न्रिवित कर्माचारी या सीनियर सिटिजन लोगो के प्रयोग के लिए केंद्र जहां वे अच्छे तरह से अपना समय व्यतीत कर सके. इसे लोग नया  रायपुर में आकर रहना पसंद करेंगे|
-सरकार , नए उद्यमीओ जो नागरिक सुविधाओ, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी से संबधित नया रायपुर में व्यवसाय शुरू करना चाहते है , उन्हें अनुवृत्ति (सब्सिडी)  में ऋण की सुविधा दे|
-स्टार्टअप विलेज को जल्द से जल्द पूरा करे ताकि नए उद्यमी अपना व्यवसाय नया रायपुर में प्रारंभ कर सके.
-नया रायपुर में बच्चो के लिए कई उद्यान खेलने के सुविधा के साथ शुरू करे ताकि , लोग अपने परिवार सहित अच्छा समय बिताने के लिए नया रायपुर ज्यादा से ज्यादा संख्या में आये.
नागरिको की जिम्मेदारी :

-जिन लोगो का कार्य, कार्यालय नया रायपुर या आस पास है . वे नया रायपुर में रहना प्रारंभ करे. शुरू के कुछ महीनो में कुछ तकलीफ हो सकती है की सामान पुराने रायपुर की तरह उपलब्ध नहीं है पर जैसे ही अच्छे संख्या में लोग रहनां शुरू करेंगे  , व्यसायी अपना दुकान खोलने लगेंगे और सारी सुविधा मिलने लगेगी| ये हर नया प्रोजेक्ट का जीवन चक्र है .

-जिन घर मालिको ने अभी तक घर का अधिकार नहीं लिया है वे जल्द से जल्द ले ताकि घर किराये में देने या रहने के लिए तैयार हो|

– जो व्यवसाय प्रारंभ कर सकते है , वे नया  रायपुर में अपना व्यवसाय जल्द से जल्द प्रारंभ करे,  अगर पैसे के समस्या है तो मिलकर कंपनी बनाये है क्राउड फंडिंग से जरूरत का  पैसा इकट्ठा करे|

-सेक्टर 27 और 29 के घर मालिक या जो भी नया रायपुर के विकास में रूचि रखते है वे , नया रायपुर में  व्यवसाय के शुरुआत के लिए  क्राउड फंडिंग जैसे पहल में भाग ले और नया रायपुर में व्यवसायिक गतिविधि के  विस्तार में मदद दे |

– घर मालिक मिलकर प्राइवेट सुरक्षा का प्रबंध करे , इससे वंहा पर निवासिओ और जो किराये पर घर लेना चाहते है उन्हें, आत्मविश्वास मिले|

-फ्लैट के घर मालिक , जल्द से जल्द अपने ब्लाक में हाउसिंग सोसीअटी का निर्माण कर सारा प्रबंध अपने हाथो में ले|

मुझे पूरा विश्वास है की अगर सरकार और नागरिक मिल कर काम करे तो नया रायपुर को  भविष्य का एक बेहतरीन शहर बनाने का  सपना अवश्य पूरा होगा|

सतीश वर्मा (email: mynayaraipur@gmail.com)