housing-2
भारत में बहुत कम उदाहरण देखने को मिलता है जिसमे सरकार बहुत दूरदर्शिता से और इमानदारी और मेहनत से काम करते दिखे |
एक आम आदमी की तरह , अपने जीविका के लिए मैंने कई मेट्रो जैसे दिल्ली, बैंगलोर, चेन्नई ,हैदराबाद और छोटे शहर भोपाल,इंदौर , ग्वालियर , मदुरई आदि में रहा हूँ या यात्रा किया है,पर सभी शहरों में एक ही आधार भूत समस्या है, बहुत ख़राब सड़के, बिना पूरा अपशिष्ट प्रबंधन(वेस्ट मैनेजमेंट) के बड़े बड़े बिल्डर्स के प्रोजेक्ट्स बने हुए है. प्रोजेक्ट्स के अंदर सभी कुछ बहूत ही अच्छा रहता है पर जैसे ही आप घर से बाहर निकलते है,सभी आधार भूत समस्यों से संघर्ष करना पड़ता है|

नया रायपुर को देख कर विश्वास ही नहीं होता की जो काम बड़े बड़े राज्य नही कर पाए उसे छत्तीसगढ़ की सरकार ने कर दिखया है और एक परियोजित शहर से सपने को पूरा करने को प्रयासरत है. पहले के तीन योजनाबद्ध शहरों को छोड़कर , वर्तमान में बना सबसे सुन्दर योजनाबद्ध शहर है|

आज नया रायपुर में आधार भूत सुविधाए पुरी तरह से तैयार है, बहुत सारे परियोजनाओ में कार्य प्रगति पर है,
इतने प्रयासों और सफलता के बाद भी, सबसे बड़ी समस्या आवासीय बसाहट की है जो अभी तक के सभी समस्याओ में सबसे बड़ी समस्या है. आम जनता ने, सरकार के सपनो पर भरोसा करके, अपनी जिंदगी भर की कमाई, खर्च करके नया रायपुर के सेक्टर 27 और सेक्टर 29 में घर ख़रीदा है.इसलिए आज सबसे बड़ा प्रश्न है,
आगे क्या करे की नया रायपुर में तेजी से बसाहट हो और एक वीरान शहर से जीवंत शहर में परिवर्तित हो जाये.

मेरे विचार में अब जनता को सरकार का और सरकार को एक दुसरे का पूरक बन कर , नया रायपुर के सपने को पूरा करने की दिशा में काम करना पड़ेगा. कुछ कार्य है जिसे, सरकार ही कर सकती है और कुछ कार्य है जिसे जनता ही कर सकती है. सरकार सारे आधारभूत सुविधाए (सड़क , बिजली ,पानी, अपशिष्ट प्रबंध, घर , परिवहन, दुकान, आदि दे सकती है , पर घरो में लोगो को आ कर रहना है, दुकाने (किराना, सुपर स्टोर्स, मेडिकल स्टोर आदि ) आम जनता को शुरुआत करना पड़ेगा.

मैं भी नया रायपुर के आवासीय कॉलोनी में घर ख़रीदा है और बहुत सारे अन्य मकान मालिको से समस्यों के बारे
में चर्चा होती रहती है , सबसे बड़ी समस्या और चिंता घरो में सुरक्षा का है, और इसी के कारन बहुत
सारे मकान मालिको ने घर का अधिपत्य नहीं लिया है और लेने से भयभीत है.

सेक्टर 27 के घरो में चोरी आम बात है , पुलिस के पास कोई सुरक्षा की योजना नहीं है, न ही चोरी के प्रकरण को तत्परता से समाधान करने में उत्सुकता है| एक पुलिस स्टेशन सारा नया रायपुर को देख रहा है इसलिए वे सेक्टर 27 के चोरियों को नहीं रोक पा रहे है न ही जो ऐसे कार्य में शामिल है उसे पकड़ पा रहे है। मुख्य चोरिया नल-साजी , पाइपलाइन सामानों के हो रही है जिसे घरो को तोड़ कर चुराया जा रहे है, और पुलिस को भी पता है की इन चोरियों के पीछे मुख्यतः सेक्टर में काम करने वाले कांट्रेक्टर और श्रमिक का हाथ है, जो पुरे हुए घरो से सामान का चोरी कर दुसरे घरो में लगया जाता है. एक घर में नल-साजी सामान की कीमत Rs 30000 के आसपास है.

प्रस्तावित स्मार्ट शहर के पुलिस स्टेशन तकनीक के जनकारी या प्रयोगों से बहुत दूर है. राखी गाँव के पुलिस ने प्रथम सूचना रिपोर्ट में, आवेदक के ईमेल को लिखने से मना कर दिया गया . प्रथम सूचना रिपोर्ट करने के लिए 2 दिन पुलिस स्टेशन का चक्कर काटना पड़ा. इस तैयारी से पता नहीं स्मार्ट सिटी के सुशासन जिसमे तकनीको का वृहित प्रयोग होना है, उसे कैसे पूरा कर पायेगी ?

अंत में अगर नया रायपुर के सपनो को साकार करना है तो सरकार और जनता को मिल कर जिम्मेदारी निभानी होगी , और इसे संक्षेप में प्रस्तुत करू तो निम्नलिखित होंगे

सरकार की जिम्मेदारी:

-सरकार आवासीय कॉलोनी सेक्टर 27 और 29 के सुरक्षा चिन्ताओ को दूर करने का सभी प्रबंध जल्द से जल्द करना चाहिए. इसमे एक अलग से पुलिस स्टेशन खोले जो सक्रिय रूप से सेक्टर 27 और सेक्टर 29 की सुरक्षा के लिए काम करे.
-पुलिस स्टेशन को तकनीक प्रयोग करने में प्रशिक्षित करे , (जैसे ईमेल आदि ) ,साथ ही ऑनलाइन FIR करने और
स्थिति पता करने की सुविधा हो. तभी पुलिस स्मार्ट सिटी के अनुकूल सक्षम होकर कार्य कर पायेगा.
-सेक्टर 27 में जल्द से जल्द, सभी सड़को और मुख्य रूप से चोराहों, प्रवेश द्वार पर निगरानी कैमरे लगे जिसे
पुलिस स्टेशन 24 घंटे निगरनी करे और 7 से 30 दिनों का रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखे .
-कुछ और मूलभूत सुविधाओ को प्रारंभ करे , जैसे डाकघर, छोटा चिकात्सल्य जिसमे डॉक्टर दिन में उपस्थित रहे .
-जो दुकाने सेक्टर 27 में बेचीं गयी है, लगता है उसे मुख्यतः निवेशकों ने ख़रीदा है जिन्हें तुरंत व्यवसाय प्रारंभ
करने में कोई उत्सुकता नहीं है. इसलिए लगभग सेक्टर 27 के सभी दुकाने बिकने के बाद भी व्यासायिक परिसर में कोई अपना काम प्रारंभ नहीं है है. सरकार को कुछ दुकाने कम किराये में उन लोगो को उपलब्ध करना चाहिए जो तत्काल अपना व्यवसाय जो सेक्टर 27 के लोगो की सुविधाओ से संबधित हो.
ऐसे संस्थानो की शुरुआत करनी चाहिए जिससे आवासीय क्षेत्र में लोगो का आवा जाहि बड़े. सबसे बड़ा उदाहरन हो सकता है , एक आधुनिक बड़े पुस्तकालय का निर्माण , जहां हर प्रकार के पुस्तकों का प्रबंध हो. विशेषकर ,
मुख्य: प्रवेश परीक्षाओ के तैयारी से संबधित. पुस्तकालय में ऑनलाइन और पुस्तको को बैठ्कर पड़ने की व्यवस्था हो|

चेन्नई का अन्नॉ सेंटेनरी पुस्तकालय सबसे बेहतरीन उदहारण है| यह 9 मंज़िल का भारत का सबसे आधुनिक पुस्तकालय है ,यंहा ५ लाख पुस्तके , हर मंज़िल अलग अलग विषयों में बटा हुआ है, जिसमे एक मंज़िल केवल बच्चो ले लिए समर्पित है| एक साथ 1250 लोग बैठ कर पुस्तक या कंप्यूटर से पढ़ सकते है. पुस्तको के आलावा यंहा ऑडिटोरियम, एम्फीथियेटर, कांफ्रेंस हाल, पार्किंग , विकलांग लोगो के लिए सुविधाए , अपना पुस्तक पड़ने का अलग भाग , साथ में अनुसन्धान करने वाले विद्यार्थिये के किये रहने की व्यवस्था. इसे सुविधाओ के कारन हजारो पुस्तक प्रेमी , विद्यार्थीओ को दिन रात भीड़ लगा रहता है| अगर इसी ही पुस्तकालय नया रायपुर के आवासीय कॉलोनी के पास खोला जॉय तो वीरान पड़े कॉलोनी के बसाहट में भारी गति मिलेगी, साथ में हजारो विद्यार्थीओ को अपना मन पसंद प्रवेश परीक्षाओ के तैयारी करने में मदद मिलेगी.

-सेवा न्रिवित कर्माचारी या सीनियर सिटिजन लोगो के प्रयोग के लिए केंद्र जहां वे अच्छे तरह से अपना समय व्यतीत कर सके. इसे लोग नया रायपुर में आकर रहना पसंद करेंगे|
-सरकार , नए उद्यमीओ जो नागरिक सुविधाओ, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी से संबधित नया रायपुर में
व्यवसाय शुरू करना चाहते है , उन्हें अनुवृत्ति (सब्सिडी) में ऋण की सुविधा दे|
-स्टार्टअप विलेज को जल्द से जल्द पूरा करे ताकि नए उद्यमी अपना व्यवसाय नया रायपुर में प्रारंभ कर सके.
-नया रायपुर में बच्चो के लिए कई उद्यान खेलने के सुविधा के साथ शुरू करे ताकि ,
लोग अपने परिवार सहित अच्छा समय बिताने के लिए नया रायपुर ज्यादा से ज्यादा संख्या में आये.
नागरिको की जिम्मेदारी :

-जिन लोगो का कार्य, कार्यालय नया रायपुर या आस पास है . वे नया रायपुर में रहना प्रारंभ करे. शुरू के कुछ महीनो में कुछ तकलीफ हो सकती है की सामान पुराने रायपुर की तरह उपलब्ध नहीं है पर जैसे ही अच्छे संख्या में लोग रहनां शुरू करेंगे , व्यसायी अपना दुकान खोलने लगेंगे और सारी सुविधा मिलने लगेगी| ये हर नया प्रोजेक्ट का जीवन चक्र है .

-जिन घर मालिको ने अभी तक घर का अधिकार नहीं लिया है वे जल्द से जल्द ले ताकि घर किराये में देने या रहने के लिए तैयार हो|

– जो व्यवसाय प्रारंभ कर सकते है , वे नया रायपुर में अपना व्यवसाय जल्द से जल्द प्रारंभ करे, अगर पैसे के समस्या है तो मिलकर कंपनी बनाये है क्राउड फंडिंग से जरूरत का पैसा इकट्ठा करे|

-सेक्टर 27 और 29 के घर मालिक या जो भी नया रायपुर के विकास में रूचि रखते है वे , नया रायपुर में व्यवसाय के शुरुआत के लिए क्राउड फंडिंग जैसे पहल में भाग ले और नया रायपुर में व्यवसायिक गतिविधि के विस्तार में मदद दे |

– घर मालिक मिलकर प्राइवेट सुरक्षा का प्रबंध करे , इससे वंहा पर निवासिओ और जो किराये पर घर लेना चाहते है उन्हें, आत्मविश्वास मिले|

-फ्लैट के घर मालिक , जल्द से जल्द अपने ब्लाक में हाउसिंग सोसीअटी का निर्माण कर सारा प्रबंध अपने हाथो में ले|

मुझे पूरा विश्वास है की अगर सरकार और नागरिक मिल कर काम करे तो नया रायपुर को भविष्य का एक बेहतरीन शहर बनाने का सपना अवश्य पूरा होगा|

सतीश वर्मा (email: mynayaraipur@gmail.com)
09962510950
Founder City Portal www.nayaraipur.in and Owners Group www.nayaraipur.city

प्रिय साथियों,
एक नई शुरुवात “नया रायपुर” के लिए !!!
हम सभी के सपने “नया रायपुर” से जुड़े हुए है, और हम सभी चाहते है की हमारे सेक्टर्स 27 और २९ की बसाहट जल्द से जल्द हो|
मैंने 2 वर्ष पहले सेक्टर 27 और 29 कॉमन फ्लोर (www.commonfloor.com) ग्रुप की शुरुवात की थी , और 2 साल के लगातार मेहनत के
बाद हम इतने ज्यादा संख्या में जुड़ पाए हैं, अब हम अपने पडोसी और ब्लाक के साथियो और , साथ में पुरे सेक्टर 27 और सेक्टर 29 के
सभी घर मालिको से एक साथ संवाद कर सकते है. अब ये मंच इतना बड़ा है की , हम वास्तव में नया रायपुर के आवासीय छेत्र के
बसाहट की दिशा में प्रभावशाली बदलाव ला सकते है|
हमारे कुछ साथियों का इसे प्रयास में बहुत ज्यादा सहयोग रहा है| हमने कई महत्वपूर्ण प्रयास किये है जो हमारे
सेक्टर को बसने में मदद कर सकते थे, उसमे सबसे बड़ा प्रयास था एसोसिएशन बनने का|हमें २५० से ज्यादा लोगो
को एक साथ मीटिंग कर, एक अस्थायी एसोसिएशन बनाने में पर आगे सफलता नहीं मिल पायी|
इसके साथ में कई व्यक्तिगत स्तर पर प्रयास हुए है पर लगातार समय और संसाधन के कमी के कारण वांछित सफलता नहीं मिली|
साथ में एक और अनुभव रहा है, कि ज्यादातर मकान मालिक रायपुर से बाहर निवास करते है और अल्प समय ले लिए रायपुर आ पाते है|
इस प्रवास का अधिकांश समय छोटे छोटे घर के सम्बंधित कार्यो में चला जाता है|
उपरी तौर पर यह लगता है कि सरकार नया रायपुर में कई बहुत अच्छे काम भी कर रही है, पर कार्यो को
सही रूप में प्रस्तुत नहीं कर रही है और छोटे स्तर पर बिज़नस/व्यवसाय को बढावा देने का कोई प्रयास नहीं ही रहा है| यह सभी कारण सयुंक्त रूप से “नया रायपुर” के बसाहट में देरी कर रही है|
सभी समस्याओ को उपयुक्त संसाधन, निष्ठा और पेशेवर तरीके से किसी को तो शुरुवात करनी होगी,
जो अन्य लोगो के लिए प्रेरणा, सहायता का प्लेटफार्म(मंच) बन सके|
हमें ये बताते हुए बहुत ख़ुशी हो रही है की , दो ओनर्स ग्रुप से बहार के एंजेल इन्वेस्टर जिनको १५-२० सालो का टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट में अनुभव है,
के सहायता से हमने नया रायपुर सेक्टर 27 से कार्य करने की लिए एक टेक्नोलॉजी सर्विस कम्पनी(BODHTARU TECHNOBUSINESS SOLUTIONS LLP)
बनाया है जो लघु एवं दीर्घा अवधि के ऊदेश्य के साथ, अपने कार्य की शुरुवात इसे महीने से कर रहे है.
हमारी कम्पनी नया रायपुर से शुरुवात करनी वाली पहली टेक्नोलॉजी कम्पनी होगी|
अभी हमारा पूरा प्रयास रहेगा की हम सेक्टर 27 और २९ के हर घर मालिको के समस्या, कार्यो और सयुंक्त
समस्याओं पर पुरे संससाधन के साथ काम करे और बसाहट में पूरा योगदान दे|
हमने “नया रायपुर” के किये उच्च-स्तर का सिटी पोर्टल www.nayaraipur.in का पहले फेज का कार्य समाप्त कर लिया है
और लगातार इसमे आगे कार्य करते रहेंगे| यह वेबसाइट, “नया रायपुर” के प्रचार, Entrepreneurs को जमीनी सहयोग ,
और जन सुविधा वाले व्यवसाय लाने , सेक्टर 27, और २९ में घरो के किराये संबधित आवश्यकता के लिए कार्य करेगा ताकि
नया रायपुर में बसाहट तेजी से हो सके| हमारा वेबसाइट को रोज ५०० से अधिक लोग देख एवं पढ़ रहे है
जिसके कारण ये गूगल सर्च के पहले पेज पे आने लगा है जो हमारी बड़ी सफलता है. हमे पुरे देश से कई पूछताछ के ईमेल मिल रहे है.

साथ में ओनर्स ग्रुप वेबसाइट www.nayaraipur.city का भुगतान (paid ) संस्करण का कार्य भी पूरा हो गया है|
हम बहुत सारे सर्विस प्रोवाइडर के साथ नेटवर्क बनने का कार्य कर रहे है ताकि नया रायपुर में आपके हर काम को पूरा किया जा सके.
अभी शुरुवात में एक संचालक प्रमुख और एक मार्केटिंग प्रमुख , कुछ अन्य सहायक कर्मचारीयों के साथ कार्यरत होगे जो
आपके हर कार्य को समझ कर, उसे गुणवत्ता और समय पर पूरा करने के लिए कार्य करंगे, ताकि आपके बहुमूल्य समय की बचत हो सके| हमारा ऑफिस , अगले 2-3 हप्तों में सेक्टर 27 से कार्य आरम्भ कर देगा|
यह प्रयास काफी समय, संसाधन और धन की मांग रखता है| इस दिशा में हम यथासंभव अपना योगदान दे रहे है|
हांलांकि हमें लगातार और संसाधन एवं धन जुटाने की जरूरत रहेगी, ताकि हमारा प्रयास सफल रहे और “नया रायपुर” के विकास में भागीदार बने|
इसे पुरे प्रयास में आप सभी लोगो की भागीदारी बहुत ही आवश्यक और महत्वपूर्ण रहेगी| और इसे कड़ी में,
हम www.nayaraipur.city और www.nayaraipur.in की सदस्यता को भुगतान (paid ) संस्करण में परवर्तित कर रहे है|
आप इसमे “paid members” बन कर ज्यादा से ज्यादा हमारे प्रयासों का लाभ उठाए|
वर्तमान में सदस्यता शुल्क 1200 Rs. वार्षिक तय किया है| प्रथम 100 सदस्यों को विशेष भाव के रूप में, 200 Rs. का
सदस्यता शुल्क में छूट और 1000 Rs. तक की छूट (विशेष सेवाओं के दौरान) का प्रस्ताव है|
आप सदस्यता शुल्क का भुगतान , ऑनलाइन, www.nayaraipur.city में लॉग इन करके कर सकते है|
अपने सदयस्ता की रूचि का सूचना 09962510950 sms, whatsapp, hike message भेजे या पर ईमेल info@nayaraipur.in पर करे ,
ताकि आपको सदस्यता शुल्क का इनवॉइस भेजे और आप ऑनलाइन भुगतान कर सके|
यदि आप, अन्य तरीके से (चेक, NEFT, नगद etc) to हमें सूचित करे|

सदस्यता के विस्तृत लाभ के लिए हमारा सुचना दस्तावेज पढ़े|

https://www.dropbox.com/s/p5pb45rr6ju0om7/nayaraipur_newstart.pdf?dl=0

आपका शुभचिंतक
सतीश वर्मा
9962510950

The Naya Raipur Development Authority (NRDA) is taking up a Toy Train project at Central Park in Sector 24 of the new capital, officials stated.
A part of (30 per cent) of the Sector 24 spread over an area of 948 hectares is devoted to provision of a host of recreational facilities.

A Right of Way (RoW) of about 3 metres width would be developed along the periphery of the Park for laying of tracks for the proposed Toy Train. The total length of the RoW would be 2,774 metres. The Park would also comprise a Tunnel for the Toy Train.

The proposed Toy Train is expected to capture huge footfalls as it will complement with other world class facilities to be provided at the Park, officials stated.
The various world class recreational and general public facilities in the Public Experience Zone in Central Park of Naya Raipur is proposed to be powered by a set of Wind Power equipments in the State’s rapidly evolving high-tech administrative capital.

A total of six wind power equipment would generate 30 KW of power, officials stated. The Central Park would also comprise an irrigation system for watering the sprawling lawn area of the park.

The play area in the Central Park for children would have 45 equipment including kiddies, swing, slides, see-saw, scrambler, fitness, thriller, multi activity play system, merry-go-round and rubber mat play zone.

The Central Park is in the heart of Naya Raipur spread over 70 acres of land. The North and South Central Park makes it the biggest proposed park in Chhattisgarh.The Parking Area would have the capacity to accommodate 90 buses, 112 cars and 85 two wheelers.

The NRDA has also proposed to develop a world-class Club House on Sector 24 in Chhattisgarh’s new hi-tech capital in a sprawling area of 9.42 acres.
The Club House would be developed under the Public Private Partnership (PPP) model.

The facility would comprise sports zone, lounges, restaurant, bar, cafe, TV room, Card room.The Club House complex would also comprise auditoriums, amphithreatres, meeting rooms and conference facilities.

The Club House has a built up area of 11,441 square metres.The Chief Minister recently instructed officials to meet the target of planting 2 to 2.5 crore saplings in all the villages and cities of the State including Naya Raipur, on July 31.

It is noteworthy that July 31 is the day when great litterateur Munshi Premchand was born.Singh said that the maximum number of school, college students and public representatives should be invited to take part in the plantation programme to be organized on July 31.

He instructed the officials to invite people from all sections of the society, senior citizens and also social service organizations in order to ensure success of these plantation drives.

Singh said that many important species of trees are found in Chhattisgarh, which have high significance in manufacturing of medicines, food products and other goods. But these species are going extinct of late.

Hence, he suggested that tissue culture technique should be adopted for preservation of these endangered species like Char-chiraunji, bamboo etc.
Singh expressed dissatisfaction over slow progress of work in Tissue culture labs operated by Forest Department, and instructed them to expedite the lab work.

He said that the work of operating these Tissue culture labs, located in Raipur, Jagdalpur and Bilaspur, should be outsourced as per the requirement.The Chief Minister instructed the officials concerned to consider possibilities of shifting, instead of cutting old trees for construction of roads.

Singh said that in this modern era, advanced techniques for shifting of trees are available, which are practiced in many countriesHe instructed all the departments to ensure sapling plantation as per department-wise targets allotted.

Singh said that like previous year, maximum number of industries should be associated with this campaign to make it a huge success.