छत्तीसगढ़ राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की बैठक करीब ढाई साल बाद मंत्रालय में शुक्रवार को हुई। इसमें नया रायपुर सहित चार स्थानों में पक्षी विहार बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।इसके तहत बेमेतरा जिले के गिधवा, रायपुर जिले के परसदा और मांढर इलाके को पक्षी संरक्षण क्षेत्र घोषित किया जाएगा। इसके अलावा जामवंत परियोजना के तहत भालुओं की गिनती की जाएगी और जंगली भैंसों को लुप्त होने से बचाने के लिए क्लोनिंग की जाएगी।बैठक में बोर्ड के अध्यक्ष मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या में वृद्धि होने पर संतुष्टि जताई । उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को बाघों के संरक्षण के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने राज्य में चल रही जामवंत परियोजना की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में भालुओं की अनुमानित संख्या लगभग तीन हजार है। विशेषज्ञों के अनुसार देश में सर्वाधिक भालू छत्तीसगढ़ में हैं। मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को भालुओं की गणना करने को कहा । बैठक में वन क्षेत्रों से गुजरने वाली बिजली की 33 व 11 केवी हाइटेंशन लाइन की ऊंचाई बढ़ाने की अनुशंसा की गई । इसके अलावा वन क्षेत्रों में ग्रामीणों के सुगम यातायात के लिए सड़कों के उन्नायन और चिन्हांकित इलाकों में नए थाने खोले जाने के बारे में भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने पक्षी संरक्षण क्षेत्रों में फल और फूलदार वृक्ष लगाने के निर्देश दिए। बैठक में वन्य प्राणी बोर्ड के सदस्य महेश गागड़ा, चिन्तामणि महाराज, तोखन साहू, मुख्य सचिव विवेक ढांड, डीजीपी एएन उपाध्याय, एसीएस एनके असवाल, वन विभाग के प्रमुख सचिव आरपी मंडल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक रामप्रकाश, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आरके विज, वन्य प्राणी विशेषज्ञ वीएस सिलेकर और एसके पटनायक, जैव विविधता विशेषज्ञ एससी जेना, पक्षी विशेषज्ञ एएमके भरोस, बस्तर प्रकृति बचाओ समिति के अध्यक्ष शरदचन्द्र वर्मा तथा बोर्ड के सदस्य सचिव वीएन द्विवेदी, वन्यप्राणी विशेषज्ञ संदीप पुराणिक मौजूद थे।हाथियों में लगेंगे रेडियो कॉलरजंगली हाथियों से होने वाली समस्या पर भी बैठक में विचार किया गया। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि हाथियों के आवागमन क्षेत्र को चिन्हांकित करने के लिए उनमें सेटेलाइट रेडियो कॉलर लगाने के बारे में भी गंभीरता से सोचा जाना चाहिए। डॉ. सिंह ने प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा तत्काल देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरगुजा और जशपुर जिलों में अधिक से अधिक संख्या में बांस रोपे जाने चाहिए। उन्होंने जन-हानि के प्रकरणों में प्रभावित परिवारों को कैम्पा निधि से राशि देने को कहा .